अमेरिका ने चीन पर उत्तर कोरिया के मिसाइल प्रोग्राम में मदद करने का आरोप लगाया है। अमेरिका के रक्षा मंत्री लियोन पेनेटा ने कहा है कि चीन ने उत्तर कोरिया के मिसाइल प्रोग्राम में कुछ मदद किया है।
व्यापार और तकनीकि हस्तांतरण के जरिए क्या चीन ने उत्तर कोरिया के मिसाइल प्रोग्राम में मदद किया है इस सवाल पर पेनेटा ने आर्म्ड सर्विसेज कमिटी के सदस्यों के सामने कहा कि उन्हें विश्वास है कि उत्तर कोरिया को चीन से मदद मिली है। उन्हें नहीं मालूम कि वह मदद किस स्तर की है।
पेनेटा ने इस मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए कोई अतिरिक्त जानकारी देने से इंकार कर दिया। लेकिन उन्होंने कहा कि इसमें कोई संदेह नहीं है कि उत्तर कोरिया लंबी दूरी की मिसाइल और परमाणु हथियार बनाने का प्रयास कर रहा है, जिसका मकसद अमेरिका को नुकसान पहुंचाना है।
गौरतलब है कि दोनों साम्यवादी राष्ट्रों के उदय के बाद से ही इनमें सैन्य और आर्थिक समझौते होते रहे हैं और उत्तर कोरिया एशिया में चीन का सबसे मजबूत साझेदार है।
उत्तर कोरिया ने अमेरिका, जापान और दक्षिण कोरिया समेत पश्चिमी देशों के दबावों को नजरअंदाज करते हुए पिछले सप्ताह अपनी बहुचर्चित लंबी दूरी के रॉकेट का प्रक्षेपण किया था लेकिन प्रक्षेपण विफल रहा। इससे परमाणु कार्यक्रम को लेकर अंतरराष्ट्रीय आलोचना का सामना कर रहे प्योंगयांग को गहरा धक्का लगा है।
रॉकेट प्रक्षेपण की असफलता के बाद माना जा रहा है कि उत्तर कोरिया अपनी सैन्य ताकत दिखाने के लिए तीसरा परमाणु परीक्षण कर सकता है। दक्षिण कोरिया की खुफिया एजेंसियों का कहना है कि वह इसके बाद परमाणु परीक्षण करेगा जैसा कि उसने 2009 में किया था, फिर भले ही उसे इसके लिए अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों का सामना करना पडे़।