क्या है सोमनाथ ज्योतर्लिंग की कहानी।
क्या है सोमनाथ ज्योतर्लिंग की कहानी।
14, Mar 2018,08:03 AM
ANI,

कथाओं के अनुसार दक्ष ने क्रोध में चंद्रदेव को 'क्षयग्रस्त' हो जाने का शाप दे दिया। इस शाप की वजह से चंद्रदेव तत्काल क्षयग्रस्त हो गए। उनके क्षयग्रस्त होते ही पृथ्वी पर सुधा-शीतलता का सारा काम रूक गया। और चारों ओर त्राहि-त्राहि मच गई। शाप पाकर चंद्रदेव बहुत दुखी और चिंतित थे। जिसके बाद चंद्रदेव ने ब्रह्माजी से अपने शाप से मुक्ति के लिए मार्ग पूछा, जिस पर ब्रह्माजी ने चंद्र देव को मृत्युंजय भगवान्‌ शिव की आराधना करने की बात कही। ब्रह्माजी के आदेश के बाद चंद्रदेव ने मृत्युंजय भगवान्‌ की आराधना की। घोर तपस्या करते हुए चंद्रदेव ने दस करोड़ बार मृत्युंजय मंत्र का जप किया। इससे प्रसन्न होकर भगवान शिव ने उन्हें अमरत्व का वर प्रदान किया। भगवान शिव ने कहा कि चंद्रदेव तुम शोक न करो। मेरे वर से तुम्हारा शाप-खत्म हो जाएगा। भगवान शिव ने .ये भी कहा कि कृष्ण पक्ष में प्रतिदिन तुम्हारी एक-एक कला क्षीण होगी, लेकिन पुनः शुक्ल पक्ष में उसी क्रम से तुम्हारी एक-एक कला बढ़ जाया करेगी। इस प्रकार प्रत्येक पूर्णिमा को तुम्हें पूर्ण चंद्रत्व प्राप्त होता रहेगा। वहीं शाप मुक्त होकर चंद्रदेव ने अन्य देवताओं के साथ मिलकर मृत्युंजय भगवान्‌ से प्रार्थना की कि आप माता पार्वतीजी के साथ पृथ्वी पर निवास करें। भगवान्‌ शिव उनकी इस प्रार्थना को स्वीकार करके ज्योतर्लिंग के रूप में माता पार्वतीजी के साथ तभी से यहां रहने लगे।

ये भी पढ़ें :

सोमनाथ मंदिर जिस पर हुए कई आक्रमण

खबरें