सोमनाथ मंदिर जिस पर हुए कई आक्रमण
सोमनाथ मंदिर जिस पर हुए कई आक्रमण
14, Mar 2018,08:03 AM
ANI,

सोमनाथ मंदिर जिस स्थान पर बना है उसको खुद भगवान शिव ने चुना था। वेदों क अनुसार मंदिर का निर्माण 4 चरणों में हुआ। कहते भगवान सोम ने इसे सोने से बनाया तो रवि ने चांदी से,भगवान कृष्ण ने इसे लकड़ी से बनवाया तो राजा भीमदेल ने इसका निर्माण पत्थरों से करवाया।युगों-युगों से मंदिर के ढाचे का निर्माण होता रहा और विध्वंस भी लेकिन मंदिर का ज्योतिर्लिंग कभी नष्ट नहीं हुआ। 11 वीं सदी में भी नहीं जब महमूद गजनबी ने इस मंदिर को लूटा और मंदिर को तहस नहस कर के मंदिर के सोने चांदी को लूटकर ले गया। सोमनाथ मंदिर में लूट का सिलसिला इसी के बाद से शुरू होता है। 1 हजार 24 में गजनी ने तोड़ा तो 1 हजार 42 में राजा भोज और भीमदेव ने निर्माण करवाया। 1296 में अलाउद्दीन खिलजी ने तोड़ा तो 1308 में महिपाल देव ने इसका निर्माण करवाया। 1375 में  मुजफ्फर शाह ने लूटा तो 1451 में महमूद बेगड़ा ने तोड़ा। 16 वीं सदी में राजकुमार पाल ने इसे आखिरी बार बनवाया। तो 1665 औरंगजेब ने इसका विध्वंस किया। 17 बार मंदिर के लूटपाट और तोड़पोड़ के बाद प्राचीन मंदिर का पुननिर्माण 1783 में पश्चिमी के राजघरानों ने मिलकर मंदिर का निर्माण करवाया।और इस समय जो मंदिर खड़ा है उसे सरदार वल्लभ भाई पटेल ने बनवाया और 1 दिसंबर 1995 को भारत के राष्ट्रपति शंकर दयाल शर्माने इसे राष्ट्र को समर्पित किया

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