सोमनाथ मंदिर के दरवाजों का रहस्य
सोमनाथ मंदिर के दरवाजों का रहस्य
14, Mar 2018,08:03 AM
ANI,

 मंदिर का एतिहासिक दरवाजा लूट लिया जो 16 फुट ऊंचा था।और चंदन की बेशकीमती लकड़ी से बना हुआ था।बताया जाता है कि मंदिर पर नक्काशी को देखकर गजनवी इतना प्रभावित हुआ कि वो दरवाजे को लूटकर साथ ले गया।दरवाजे को लेकर दो कहानियां सबसे ज्यादा सुनाई जाती है।बताया जाता है कि साल 1782 में मराठा महाराज ने लाहौर के शासक महमूद शाह को हराकर चांदी के तीन दरवाजे जीते।मराठा राजा ने जीते हुए दरवाजों को मंदिर में लगवाने की इच्छा जाहिर की।लेकिन मंदिर के पुजारियों ने दरवाजों को लगाने से साफ इनकार कर दिया।वहीं दरवाजें उज्जैन के महाकालेश्वर मंदिर में लगाए गए हैं।दूसरी कहानी पहली कहानी से भी ज्यादा रोचक है।बताया जाता है कि 1842 में  अलवर्ट लयानों ने अपनी आर्मी को अफगानिस्तान आने के गजनी से रास्ता तय करने के आदेश दिए।अलवर्ट की आर्मी जब गजनी होकर गुजरी तो महमूद गजनवी की कब्र पर लगे दरवाजे को देखकर वो बहुत प्रभावित हुई और उसको उखाड़कर लाने की कोशिश की गई।ये वहीं दरवाजा बताया जाता है जो सोमनाथ मंदिर से लूटा गया था।इस दरवाजे को लेकर ब्रिटिश संसद में काफी बहस हुई और दरवाजे की सच्चाई को लेकर कई तथ्य सामने आए।बहस के वक्त जो सबूत पेश किए उसके मुताबिज जो दरवाजा कब्र पर लगा था।वो असल दरवाजे की नकल थी।और देवदार की लकड़ी से बनाया गया था।ये दरवाजा आज भी उत्तर प्रदेश की ताजनगरी आगरा के किले में रखा गया है।लेकिन सोमनाथ मंदिर का जो दरवाजा गजनवी लूटकर ले गया था।उसके बारे में अब तक किसी के पास कोई पुख्ता सबूत नहीं है। कि वो दरवाजा आखिर गया कहा है।

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