प्रोटोकॉल अपनाया, परिवार से पहले संसद को बताया : सुषमा स्वराज
प्रोटोकॉल अपनाया, परिवार से पहले संसद को बताया : सुषमा स्वराज
20, Mar 2018,05:03 PM
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इराक में 39 भारतीयों की हत्या किए जाने को लेकर सरकार पर उठ रहे सवालों के बीच विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने मंगलवार को यह बताया कि उन्होंने इस मामले में पूरी तरह से प्रोटोकॉल का पालन किया। इसी के चलते पीड़ित के परिवारवालों से पहले संसद को बताया गया कि मोसूल में फंसे सभी  39 मजदूर भारतीय की हत्या कर दी गई।   

राज्यसभा में भारतीयों की हत्या की पुष्टि करने के घंटों बाद सुषमा स्वराज ने कहा- पीड़ितों के कुछ परिजन इस बात पर सवाल उठा रहे हैं कि आकिर क्यों संसद में बताने से पहले उन्हें नहीं सूचित किया गया। यह संसद की प्रक्रिया है कि पहले सदन को बताए और मैने अपने ड्यूटी निभाया है।

कांग्रेस ने की ओछी राजनीति की हदें पार

विदेश मंत्री सुषमा स्वराज द्वारा संसद में, साल 2014 में लापता हुए 39 भारतीयों की मौत की जानकारी देने के बाद उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर विपक्ष को भी आड़े हाथों लिया। सुषमा ने कहा कि इराक के मुद्दे पर उनकी बातें राज्यसभा में तो सुनी गईं लेकिन लोकसभा में कांग्रेस ने हंगामा किया। सुषमा ने कहा 'इतने बड़े संवेदनशील विषय पर राजनीति करना ठीक नहीं। कांग्रेस ओछी राजनीति कर रही है। बता दें कि कांग्रेस ने कहा था कि सरकार ने 39 भारतीयों की मौत की घोषणा में देरी की है। उनके परिजनों को झूठा दिलासा दिया। 

इसके जवाब में सुषमा ने पलटवार करते हुए कहा कि इराक में लापता भारतीयों में खोजने की हमने पूरी कोशिश की। हमने कभी नहीं कहा था कि वो लोग जिंदा हैं और ना ही हमारे पास उनके मारे जाने का कोई सबूत था। हमने किसी को धोखे में नहीं रखा और ना ही झूठी उम्मीद दी।  सुषमा ने कहा कि मैं खुद विदेश मंत्रियों से जाकर मिली थी। मैं उनके पास गई थी और उनसे पूछा था कि उनके पास भारतीयों के मारे जाने का क्या सबूत है? अगर उनके पास कोई सबूत है तो वो हमें दें 'खोए होए होतो मारे हुए समझ जाओगे ये सरकार ऐसी नहीं है' हमारे पास जब सबूत आ गए उसके बाद ही हमने इस बात की जानकारी दी। चूंकि संसद का सत्र चल रहा था तो ये मेरी संसदीय मर्यादा थी कि पहले मैंने संसद को इस बारे में बताया।

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