बाबा राम देव ने कायम की नई मिशाल
बाबा राम देव ने कायम की नई मिशाल
26, Mar 2018,01:03 PM
ANI,

23 साल पहले योग गुरु बाबा रामदेव ने राम नवमी के दिन ब्रह्मचर्य की दीक्षा देकर सन्यास जीवन में कदम रखा।एक बार फिर 23 साल बाद रामदेव ने एक नई मिसाल कायम की है। योग गुरु बाबा रामदेव ने 51  ब्रह्मचारियों के साथ 40  ब्रह्मचारिणीयों को सन्यास की दीक्षा देने का काम किया है।पिछले 4 दिनों से पतंजलि के ऋषि ग्राम में चल रही सन्यास दीक्षा की तैयारी।हरिद्वार के वीआईपी  घाट पर इन सन्यासियों को  पूरे वैदिक मंत्रोच्चार के साथ गंगा स्नान के बाद।श्री का सूत्र विसर्जन कराने के साथ पूरी की गई।योग गुरु बाबा रामदेव ने देश को 91  ऐसे विद्वान सन्यासी दिए हैं।जिन्हें वेदों का पूर्ण ज्ञान है।पहली बार ऐसा हुआ है कि ब्रह्मचारिणियों को सन्यास की दीक्षा दी गई हो।योग गुरु बाबा रामदेव ने अपने जीवन में पहली बार सन्यास दीक्षा देने का काम किया है।बाबा का कहना है।कि सन्यास जीवन की सबसे बड़ी उपलब्धि है।सन्यास के बाद सभी तरह की कामनाओं का सन्यासी त्याग कर देता है।योग गुरु बाबा रामदेव ने कहा कि सन्यासी बनने के लिए  युवाओं  में जोश और जुनून देखने को मिल रहा है।उससे लगता है कि जो उन्होंने लक्ष्य 10 साल का रखा था।वो 5 साल में ही पूरा हो जाएगा।और भारत 2050 तक दुनिया की आध्यात्मिक और  आर्थिक महाशक्ति बनकर उभरेगा।

योग और आयुर्वेद और ऋषि मुनियों का देश एक बार फिर से विश्व गुरू बनने जा रहा है।और वो भी एक बार फिर से ऋषि मुनियों के सहारे ही।अब नई पीढी के ये ऋषि और सन्यासी देश और विश्व में भारत के योग और आयुर्वेद की संस्कृति को शिखर तक लेकर जाने का काम करेंगें।इस मौके पर आचार्य बालकृष्ण, स्वामी सत्यमित्रानंद गिरि, साध्वी ऋतंभरा सहित भारी संख्या में संत और पतंजलि से जुड़े लोग इस ऐतिहासिक कार्यक्रम में शामिल हुए।वहीं एक ओर  सन्यास लेने वाले युवाओं के चेहरों पर खुशी थी।तो वहीं दूसरी ओर सन्यासी जीवन में प्रवेश करने वाले युवा सन्यासियों के परिजन मायूस दिखाई दिए।

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