केरल में बारिश और भूस्खलन से भारी तबाही, 22 लोगों की मौत
केरल में बारिश और भूस्खलन से भारी तबाही, 22 लोगों की मौत
09, Aug 2018,05:08 PM
TV100,

केरल में कुदरत ने भारी तबाही मचाई है. यहां आज सुबह से राज्य में भारी बारिश और भूस्खलन की घटनाओं में 22 लोगों की मौत हो चुकी है. राज्य में हालात इतने भयावह हो गए हैं कि कोचीन एयरपोर्ट को बंद करना पड़ा है. इधर चेन्नई से NDRF की चार टीमें केरल के लिए रवाना हो चुकी हैं. मुख्यमंत्री पिनारई विजयन ने आपात बैठक बुलाई है

कोचीन अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा लिमिटेड (सीआईएएल) ने पेरियार नदी में बढ़ रहे जलस्तर को देखते हुए हवाई अड्डा क्षेत्र के जलमग्न होने की आशंका के तहत यहां विमानों की लैंडिंग रोक दी गई. सीआईएएल नदी के निकट स्थित है. हालांकि दो घंटे के बाद एयरपोर्ट पर हवाई सेवा फिर से बहाल कर दी गई. कोचीन अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डा लिमिटेड (सीआईएएल) के प्रवक्ता ने बताया कि हालत में सुधार होने पर हम आज दोपहर तीन बजकर पांच मिनट से सभी सेवा बहाल कर रहे हैं. इससे पहले सीआईएएल ने ऐहतियाती कदम उठाते हुए दोपहर एक बजकर 10 मिनट के बाद विमानों के उतरने की सेवा रोक दी थी.

बारिश के कारण कई ट्रेनें भी प्रभावित हुई हैं. कई जगह रेलवे ट्रैक क्षतिग्रस्त हो गया है. कुछ रूट पर ट्रेनें रद्द कर दी गई हैं. वहीं कोचीन हवाई अड्डे के पास एक नहर का जलस्तर बढ़ने के बाद एर्नाकुलम जिला प्रशासन ने हवाई अड्डे की स्थिति की समीक्षा की. यह फैसला तब लिया गया है जब इदामलयार बांध के चार दरवाजों को अतिरिक्त पानी छोड़े जाने के लिए आज सुबह खोल दिया गया. जांच-परख करने के लिए इडुक्की बांध का भी एक दरवाजा आंशिक तौर पर खोला गया है. बांध के दरवाजों को खोलने की वजह से पेरियार नदी का जल स्तर बढ़ गया

स्टेट इमरजेंसी ऑपरेशन सेंटर के मुताबिक इडुक्की में 11, मलापुरम में 5, कोझिकोड में 1, वायनाड में 3 और कन्नौर में 2 लोगों की मौत हो गई है. इडुक्की के अडीमाली शहर में एक ही परिवार के पांच लोगों की मौत हो गई. यहां पुलिस और स्थानीय लोगों ने मलबे से दो लोगों को जिंदा बाहर निकाला

बारिश के कारण इडुक्की, कोल्लम और कुछ अन्य जिलों में शैक्षिक संस्थानों में आज छुट्टी कर दी गई है. इडुक्की के विद्युत मंत्री एमएम मणि ने कहा कि बहुत बुरा हुआ. मैंने प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया है और गुरुवार सुबह इदामालय बांध को खोल दिया गया. हम इडुक्की बांध का भी एक द्वार खोलेंगे. इससे पहले इडुक्की बांध के द्वारा 1992 में खोले गए थे

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