अटल बिहारी वाजपेयी ने नसबंदी के दौरान लिखी थी, एक कविता
अटल बिहारी वाजपेयी ने नसबंदी के दौरान लिखी थी, एक कविता
17, Aug 2018,12:08 PM
Edited By Aarti Singh,

प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने 25 जून 1975 में भारत के अंदर आपातकाल लागू किया था, उस वक्त पूरे देश ने आपातकाल को बुरी तरह प्रभाव किया था, लेकिन इंदिरा गांधी के सक्त फैसलों ने तो इमरजेंसी को राजनीति के अलावा लोगों की निजी जीवन तक पहुचां दिया था, उसके बाद गली मौहल्ले में हर जगह सिर्फ यही बात चर्चा में थी, घर घर में नसबंदी की दहशत फैलने लगी थी, इंदिरा गांधी ने नसबंदी का फैंसला तो लिया था, लेकिन इसको लागू कराने का पूरा जिम्मा छोटे बेटे संजय गांघी को दे दिया था। देश भर में इस रिर्पोट के जरिए लगभग 60 लाख लोगो की नसबंदी कर दी गई थी, इनमेंव 16 साल से लेकर 70 साल तक के बुजुर्ग शामिल थे।

इसी दौरान अटल वाजपेयी बिहारी ने नसबंदी पर एक कविता भी लिखी थी, इस कविता के बाल थे, आओ मर्दो नामर्द बनो, ये कविता काफी चर्चा में भी रही थी, लोगो ने इस कविता को काफी पसंद किया था।  

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