केरल में कई इलाकों में रेल सेवा बहाल, 10 लाख बेघर लोगों को दोबारा बसाना सरकार के सामने चुनौती
केरल में कई इलाकों में रेल सेवा बहाल, 10 लाख बेघर लोगों को दोबारा बसाना सरकार के सामने चुनौती
21, Aug 2018,09:08 AM
tv100,

केंद्र सरकार ने केरल में आई विनाशकारी बाढ़ को गंभीर प्रकृति की आपदा घोषित किया है. दूसरी ओर राज्य के सामने बेघर हुए लाखों लोगों का पुनर्वास और जलजनित बीमारियों को रोकने का काम एक बड़ी चुनौती बन गई है.

राज्य में आठ अगस्त के बाद से मानसून के दूसरे चरण में भारी बारिश और बाढ़ के चलते मृतकों की संख्या बढ़कर 223 पर पहुंच गई है. केरल के कई इलाकों में बाढ़ के कारण प्रभावित हुई रेल सेवा दोबारा शुरू हो गई है. इस बीच केरल सरकार ने मंगलवार शाम चार बजे सर्वदलीय बैठक बुलाई है.

नई दिल्ली में गृह मंत्रालय के एक अधिकारी ने कहा, केरल में आई बाढ़ और भूस्खलन की प्रबलता को देखते हुए यह सभी व्यावहारिक उद्देश्यों के लिए गंभीर प्रकृति की एक आपदा है.इसे राष्ट्रीय आपदा घोषित ना करने से राज्य को केंद्र से अधिक वित्तीय और अन्य सहायता नहीं मिल सकेगी

मुख्यमंत्री पिनरायी विजयन ने बताया कि आठ अगस्त से लेकर अब तक 223 लोगों ने अपनी जान गंवाई है. उन्होंने तिरुवंतपुरम में कहा, 10.78 लाख से अधिक लोग विस्थापित हुए जिनमें से 2.12 लाख महिलाएं तथा 12 साल की आयु के नीचे के एक लाख बच्चे शामिल हैं. ये 3,200 राहत शिविरों में रह रहे हैं. बारिश धीमी पड़ने पर विभिन्न स्थानों से 602 लोग बचाए गए.

विजयन ने कहा कि विभिन्न वर्गों से बाढ़ को राष्ट्रीय आपदा घोषित करने की मांग की गई. उन्होंने कहा, हमारी भी यही मांग है लेकिन केंद्र ने ऐसी घोषणा करने में कुछ तकनीकी दिक्कतों का हवाला दिया है. अब हमें कुल नुकसान का आकलन करने और केंद्र से इसके बराबर मदद मांगने की जरुरत है.

उन्होंने कहा, प्राथमिक आकलन के अनुसार, राज्य को अभी तक करीब 20,000 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है. केंद्र सरकार ने अभी तक राज्य को हरसंभव मदद दी है. केरल को मुख्यमंत्री आपदा राहत कोष से 210 करोड़ रुपये मिले हैं और 160 करोड़ रुपये का वादा किया गया है

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