जन्माष्टमी पर्व के शुभ अवसर पर दुर्लभ रियासतकालीन गहनों से होगा राधा-कृष्ण का श्रृंगार
जन्माष्टमी पर्व के शुभ अवसर पर दुर्लभ रियासतकालीन गहनों से होगा राधा-कृष्ण का श्रृंगार
03, Sep 2018,12:09 PM
tv100,

जन्माष्टमी पर्व के शुभ अवसर पर दुर्लभ रियासतकालीन गहनों से होगा राधा-कृष्ण का श्रृंगार
श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर तीन सितंबर को विभिन्न मंदिरों पर कई कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा। गोपाल मंदिर में करोड़ों रुपए के प्राचीन जेवरातों से भगवान श्रीकृष्ण और राधारानी का श्रृंगार किया जाएगा। जबकि सनातन धर्म मंदिर, अचलेश्वर महादेव मंदिर, कुलैथ में भगवान जगन्नाथ मंदिर, रामद्वारे आदि मंदिरों में विशेष सज्जा और पूजन का आयोजन किया जाएगा।
इन बेशकीमती दुर्लभ आभूषणों से होगा श्रृंगार
राधा-कृष्ण के श्रृंगार के लिए सफेद मोती वाला पंचगढ़ी हार लगभग छह लाख कीमत का, सात लढ़ी हार जिसमें 62 असली मोती और 55 पन्ने लगे हैं। सन्‌ 2007 में इसकी अनुमानित कीमत लगभग 10 से 12 लाख रुपए आंकी गई थी, इसके अलावा सोने के तोड़े तथा सोने का मुकुट श्रीकृष्ण पहनेंगे। जिनकी कीमत लगभग 50 लाख रुपए है। गोपाल मंदिर की राधाजी का ऐतिहासिक मुकुट जिसमें पुखराज और माणिक जणित के पंख हैं तथा बीच में पन्ना लगा है, तीन किलो वजनके इस मुकुट की कीमत आज की दरों पर लगभग तीन करोड़ रुपए आंकी गई है तथा इसमें लगे 16 ग्राम पन्ने की कीमत लगभग 16 लाख आंकी गई है। राधा-कृष्ण के नकसिक श्रृंगार के लिए लगभग साढ़े 15 लाख रुपए के जेवरात उपलब्ध हैं जिनमें श्रीजी तथा राधाजी के झुमके, सोने की नथ, कण्ठी, चूड़ियां, कड़े इत्यादि से भगवान को सजाया जाएगा। भगवान के भोजन के लिए प्राचीन सोने, चांदी के बर्तनों की सफाई की जाएगी इनकी कीमत लगभग 50 लाख रुपए है। साथ ही भगवान की समई, इत्र दान, पिचकारी, धूपदान, चलनी, सांकड़ी, छत्र, मुकुट, गिलास, कटोरी, कुंभकरिणी, निरंजनी आदि सामग्रियों का भी प्रदर्शन किया जाएगा।
गोपाल मंदिर में नगर निगम द्वारा श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर भगवान राधा-कृष्ण का बेशकीमती गहनों से श्रृंगार किया जाएगा। इसके बाद उनका विधिविधान से पूजन कर भक्तों को दर्शनों के लिए मंदिर के पटों को खोला जाएगा। जन्माष्टमी पर भगवान का श्रृंगार करने के लिए पुलिस बल की सुरक्षा के बीच गहनों को लाया जाएगा। इसके बाद दोपहर 12 बजे भगवान के दर्शनों के लिए पट खोले जाएंगे। रात्रि में एक बजे के बाद भगवान के सभी आभूषण पुलिस बल के साथ जिला कोषालय में जमा कराए जाएंगे। सुरक्षा की दृष्टि से सम्पूर्ण मंदिर में पुलिस बल तथा क्लॉज सर्किट कैमरे लगाकर पल-पल की वीडियोग्राफी की जाएगी।

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