अनुसूचित जाति एवं जनजाति अत्याचार के विरोध में सड़को पर उतरे लोग
अनुसूचित जाति एवं जनजाति अत्याचार के विरोध में सड़को पर उतरे लोग
06, Sep 2018,10:09 AM
TV100,

अनुसूचित जाति एवं जनजाति अत्याचार अधिनियम (एससी/एक्ट कानून) को लेकर लाए गए अध्यादेश के खिलाफ कथित तौर पर सवर्ण समुदाय तरफ से बुलाए गए भारत बंद का देशभर में व्यापक असर देखने को मिल रहा है।मध्यप्रदेश, उत्तर प्रदेश और बिहार समेत कई राज्यों में लोग इसके खिलाफ सड़कों पर उतरकर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। 

बिहार में कई जगहों पर बाजार बंद नजर आ रहा है और भारत बंद का आह्वान कर रहे लोग जगह-जगह प्रदर्शन कर रहे हैं। तो वहीं दूसरी तरफ के मुंगेर और दरभंगा में ट्रेनों को रोक दिया गया है। जबकि, उत्तर प्रदेश के वाराणसी में लोग सड़कों पर उतर कर इसका विरोध कर रहे हैं।

मध्य प्रदेश के 35 जिलों में हाई अलर्ट
समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक, मध्य प्रदेश में पिछली बार हुई भारी हिंसा को देखते हुए सुरक्षा का भारी बंदोबस्त किए गए हैं। मध्य प्रदेश पुलिस के मुताबिक, एससी/एसटी एक्ट के खिलाफ प्रदर्शन को लेकर राज्य के 35 जिलों को हाई अलर्ट पर रखा गया है। यहां पर सुरक्षाबलों की 34 कंपनियां और 5000 सुरक्षाकर्मियों को तैनात किया गया है। इसके साथ ही, कई जिलों में धारा 144 लागू कर दी गई है।

गौरतलब है कि आज कथित तौर पर अनुसूचित जाति एवं जनजाति अत्याचार अधिनियम को लेकर लाए गए अध्यादेश के खिलाफ सवर्ण समुदाय ने भारत बंद किया है। हालांकि राष्ट्रीय स्तर पर किसी संगठन द्वारा बंद का आह्वान नहीं किया गया है। पुलिस-प्रशासन ने संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी है।

दो अप्रैल को भारत बंद के दौरान मध्य प्रदेश के कुछ हिस्सों में हुई हिंसा और कई लोगों की मौत के बाद अब प्रशासन ने ऐसे क्षेत्रों में अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किया है। बिहार, झारखंड, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, राजस्थान समेत कई राज्यों में सुरक्षा एजेंसियां बंद को लेकर पैनी नजर रखे हुए हैं। 
 

बंद को लेकर बिहार की विशेष शाखा के इनपुट के बाद, डीजी विधि-व्यवस्था आलोक राज की ओर से बुधवार को सभी पुलिस अधीक्षकों को अलर्ट जारी किया गया। अलर्ट में रेल और सड़क मार्ग के अलावा विभिन्न संवेदनशील स्थानों पर विशेष चौकसी बरतने के निर्देश जिलों को दिए गए हैं।

मध्य प्रदेश के पुलिस महानिरीक्षक मकरंद देउस्कर ने मीडिया को बताया कि पुलिस पूरी तरह सतर्कता बरत रही है। कई संवेदनशील जिलों में ऐहतियातन निषेधाज्ञा लागू कर दी गई है। पूरे प्रदेश में विशेष सशस्त्र बल (एसएएफ) की 37 कंपनियां और छह हजार नव आरक्षक उपलब्ध कराए गए हैं। जहां भी आवश्यकता होगी वहां अतिरिक्त बल उपलब्ध कराया जाएगा। प्रदेश के पेट्रोल पंप भी कल शाम चार बजे तक बंद रहेंगे।

अल्मोड़ा सवर्ण संघर्ष समिति ने आह्वान किया
आरक्षण के विरोध में कुमाऊं के तीन जिलों में अल्मोड़ा सवर्ण संघर्ष समिति की ओर से बंद का आह्वान किया गया है। अल्मोड़ा में व्यापारियों ने बंद को समर्थन दे दिया है। बागेश्वर बंद के आह्वान को व्यापारियों और टैक्सी यूनियन ने भी अपना समर्थन दिया है। उधर, चम्पावत जिले में गुरुवार को बंद के आह्वान को चम्पावत शहर और लोहाघाट के व्यापारियों ने अपना समर्थन दिया है। 

ये भी पढ़ें :

राहुल गांधी ने ट्विटर पर मानसरोवर झील की फोटो शेयर करते हुए लिखा झील का पानी बहुत मंद और शांत है

खबरें