फ्रांस से 36 राफेल लड़ाकू विमानों के सौदे पर कांग्रेस की तीरछी नजरें
फ्रांस से 36 राफेल लड़ाकू विमानों के सौदे पर कांग्रेस की तीरछी नजरें
21, Sep 2018,12:09 PM
TV100,

राफेल मुद्दे पर लगातार छड़प जारी है फ्रांस से 36 राफेल लड़ाकू विमानों के सौदे पर कांग्रेस लगातार केंद्र सरकार को घेरने की कोशिश में है। उसका कहना है कि यह डील महंगी है और इसमें घोटाला हुआ है। वहीं, मोदी सरकार का दावा है कि यह डील महंगी नहीं है। इसकी लागत में राफेल में तैनात होने वाली मिसाइलों की कीमत भी शामिल है।

सितंबर 2016 में भारत-फ्रांस के बीच 36 राफेल लड़ाकू विमानों के लिए डील हुई। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह सौदा 7.8 करोड़ यूरो (करीब 58,000 करोड़ रुपए) में फाइनल हुआ। ऐसे में माना जा रहा है कि भारत को यह विमान सस्ता पड़ रहा है। वहीं, फ्रांस का दावा है कि बाकी देशों के साथ पहले हुई डील के मुकाबले इस सौदे में हमने भारत को 25% की छूट दी है। जिससे की वजह से कांग्रेस बार-बार केंद्र सरकार को निशाना बना रही है।  

रक्षा विशेषज्ञ बताते हैं कि फ्रांस ने 2015 में मिस्र को 24 राफेल बेचे थे। यह सौदा 5.9 अरब डॉलर में हुआ था। इसके बाद 2018 में कतर ने मय मिसाइल के 24 राफेल विमान खरीदे। इसके लिए 7 अरब डॉलर में डील हुई। ब्राजील, लीबिया, मोरक्को और स्विट्जरलैंड भी फ्रांस से राफेल खरीद चुके हैं।

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