सबसे महान क्रिकेटर कहलाने वाले सचिन तेंदुलकर का 45वां जन्मदिन
सबसे महान क्रिकेटर कहलाने वाले सचिन तेंदुलकर का 45वां जन्मदिन
24, Apr 2018,05:04 PM
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आज का दिन यानि 24 अप्रैल क्रिकेट प्रेमियों के लिए सबसे खास दिनों में से एक है। आज सदी के सबसे महान क्रिकेटर कहलाने वाले सचिन तेंदुलकर का 45वां जन्मदिन है। भारत में 'भगवान' का दर्जा पाने वाले और दुनियाभर में रोल मॉडल माने जाने वाले सचिन तेंदुलकर के लिए ये दिन जितना खास है उतना ही खास उनके फैंस के लिए भी है।

जब सचिन की पारी ने खास बनाया उनका B'Day  
बात 20 साल पहले की है जब सचिन तेंदुलकर ने अपने जन्मदिन पर लोगों को ऐसा तोहफा दिया कि वो आज भी नया लगता है। इस दिन सचिन ने अपने करियर की सबसे यादगार पारियों में से एक खेली। शारजाह में 22 अप्रैल 1998 को तेंदुलकर ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 143 रन की बेमिसाल पारी खेली थी, जिसे आज भी शारजाह में उठा सचिन का तूफान कहा जाता है। इसके दो दिन बाद यानि 24 अप्रैल को जब भारत और ऑस्ट्रेलिया की टीमें त्रिकोणीय श्रृंखला के फाइनल में आमने सामने थी, तो फिर से तेंदुलकर ने 134 रन की जोरदार पारी खेली थी।

ऑस्ट्रेलिया खिलाफ सचिन ने बरसाए रन
वरिष्ठ खेल पत्रकार धर्मेन्द्र पंत ने अपनी पुस्तक 'सचिन के सौ शतक' में इस शतक के बारे में लिखा है कि यह बेहद खास शतक था, क्योंकि उनकी इस पारी से भारत ने ऑस्ट्रेलिया को हराकर शारजाह में ट्राई सीरीज जीती थी। तेंदुलकर ने अपनी इस पारी में 131 गेंदें खेली और 12 चौके और तीन छक्के लगाए। सचिन के सौ शतक में तेंदुलकर के अन्य सैकड़ों की तरह इस शतक का भी खूबसूरत वर्णन किया गया है। किताब में लिखा गया है- 'फाइनल देखने के लिए 24 हजार दर्शक काफी पहले स्टेडियम में जम गए थे। उनके हाथों में बड़े-बड़े बैनर थे, जिनमें तेंदुलकर को 25वें जन्मदिन की बधाई दी गई थी।'

इस मैच में ऑस्ट्रेलिया ने पहले बल्लेबाजी करते हुए नौ विकेट पर 272 रन का मजबूत स्कोर खड़ा किया था, लेकिन भारत ने तेंदुलकर के शतक की बदौलत 49 ओवर में चार विकेट पर 275 रन बनाकर खिताब जीता था। तेंदुलकर ने लगभग हर पुरस्कार जीता था। उन्हें मैन ऑफ द मैच और मैन ऑफ द सीरीज के अलावा टूर्नामेंट में सबसे ज्यादा नौ छक्के और सबसे तेज अर्धशतक (44 गेंद पर) का पुरस्कार मिला था। मैन ऑफ द सीरीज के लिए उन्हें ओपेल एस्ट्रा कार मिली थी।

जन्मदिन पर खेली गई अपनी पारी के दौरान तेंदुलकर और उनके प्रतिद्वंद्वी शेन वॉर्न के बीच भी रोचक जंग देखने को मिली थी और हमेशा की तरह इस मैच में भी भारतीय बल्लेबाज ने ही बाजी मारी थी। यह पारी इसलिए भी खास थी क्योंकि उस समय ऑस्ट्रेलिया से दो दिन के अंदर हार का बदला चुकता हो गया और यह ऐसी हार थी जो ऑस्ट्रेलियाई टीम को लंबे समय तक कचोटती रही। ऑस्ट्रेलियाई विकेट कीपर एडम गिलक्रिस्ट बहुत समय तक उस पारी को भूल नहीं पाए थे।

सचिन तेंदुलकर ने अपने 24 साल के विशाल करियर में कुल 463 वनडे खेले हैं, जिसमें उन्होंने इतिहास के सबसे ज्यादा 18426 रन बनाए। वनडे में उनके नाम सबसे ज्यादा 49 सैंचुरी और 96 हाफ सैंचुरी हैं। टेस्ट में भी सचिन का कोई सानी नहीं है। 200 टेस्ट मैचों में सचिन के नाम 15921 रन हैं, जिसमें 51 शतक और 68 अर्धशतक शामिल हैं।

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