नहाय खाय के साथ शुरू हुआ महापर्व छठ, खरना आज
नहाय खाय के साथ शुरू हुआ महापर्व छठ, खरना आज
12, Nov 2018,11:11 AM
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व्रतियों ने स्नान कर पूजा कर चावल, चने की दाल और लौकी की सब्जी खा कर व्रत की शुरुआत की। खरना सोमवार को है।

पूरे दिन उपवास के बाद व्रती शाम को रसियाव व रोटी खाएंगे। इससे पहले प्रसाद स्वरूप (नेवज) निकालेंगे, जिसे व्रतियों के खाने के बाद इसे परिवार के सदस्य प्रसाद के रूप में खाएंगे। भगवान भास्कर के चार दिनों के इस अनुष्ठान को लेकर पूरी राजधानी में आस्था और पूजा का अलग सा ही मौसम देखने को मिल रहा है

अनाधिकृत कॉलोनियां ही नहीं अपार्टमेंट में रहने वाले पूर्वाचलियों के घरों में छठी मईया के गीत गूंज रहे है। छठ घाटों की सफाई युद्धस्तर पर जारी है। स्वयं सेवी संगठन व पुलिस प्रशासन व्रतियों की सुविधा के लिए हर कदम उठा रहा है। 

दिल्ली के कई इलाकों में लोग छठ घाट पर नहीं पहुंचकर अपने छतों पर हौद छोटे-छोटे समूहों में छठ पूजा करते है। दिल्ली के कई इलाकों में छतों को भी केला के पत्ते से खासतौर पर सजाया गया है।

बाजारों में रौनक बढ़ी
छठ व्रती पवित्रता का ख्याल रखते हैं। नहाय खाय के बाद पूजा सामग्री की खरीदारी भी शुरू हो गई। भगवान भास्कर को अर्घ्य देने के लिए पूर्वांचल बाहुल्य इलाके में बांस से बने सूप और दउरा की दुकानों पर भरमार है। दुकानों पर छठ व्रतियों की भीड़ खरीददारी के लिए उमड़ पड़ी है।  

पुरुष भी करते है व्रत
पंडित कौशल किशोर पांडेय कहते है कि छठ व्रत एक कठिन तपस्या की तरह है। इस पर्व को महिलाएं के अलावा पुरुष भी रखते हैं। चार दिनों के इस व्रत में व्रती को लगातार उपवास करना होता है। भोजन के साथ ही सुखद शैय्या का भी त्याग किया जाता है।

पुत्र रत्न की प्राप्ति व पति के स्वास्थ्य के लिए पूजा
इलाहाबाद के पंडित राधेश पांडेय के अनुसार ऐसी मान्यता है कि छठ पर्व पर व्रत करने वाली महिलाओं को पुत्र रत्न की प्राप्ति होती है। पुत्र रत्न की चाहत रखने वाली और पुत्र की कुशलता के लिए सामान्य तौर पर महिलाएं यह व्रत रखती हैं। पति के स्वास्थ्य के लिए भी महिलाएं इस पर्व को करती है। 

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