आम जनता के लिए धारा 420 के फ़ायदे
आम जनता के लिए धारा 420 के फ़ायदे
31, May 2018,02:05 PM
ANI,

धारा-420 के अंतर्गत सात साल सजा का है प्रावधान

  • 420 भारतीय दंड संहितां की वो धारा है जिसके अंतर्गत बेईमानी,हेरा-फेरी,छल या धोखा के रूप में किए जाने वाले अपराध को परिभाषित करती है औऱ इस किए गए कृत्य के लिए दण्ड के क्या प्रावधान है,यह बताती है जिससे अपराधी को दंडित किया जा सके। 
  • धोखाधड़ी की धारा 420 के अंतर्गत जब पुलिस किसी व्यक्ति को गिरफ्तार कर जेल भेजती है. तब संबंधित व्यक्ति पर न्यायालय में आरोप साबित हो जाने पर सात साल कैद और जुर्माना दोनों का प्रावधान है.

 

ये अपराध हैं इसमें शामिल

 

  • जब कोई व्यक्ति छल करके किसी व्यक्ति को बेईमानी से उत्प्रेरित करता है जिससे वह व्यक्ति अपनी किसी संपत्ति या उसके अंश को किसी अन्य व्यक्ति को दे दें तो यह धारा-420 के अंतर्गत दंडनीय अपराध का हकदार होगा।
  • यदि कोई व्यक्ति कागज पर किसी व्यक्ति के हस्ताक्षर बना कर उसके माध्यम से किसी अन्य व्यक्ति से कोई संपत्ति प्राप्त करता है तो यह भी इस धारा के तहत आएगा। इसी तरह कोई व्यक्ति एक सही दस्तावेज हासिल करता है जिसके माध्यम से कोई संपत्ति हस्तांतरित होनी है। यदि वह व्यक्ति उस दस्तावेज को आंशिक रूप से बदल देता है कि उसे संपत्ति का अधिक भाग प्राप्त हो जाता है तो वह इस धारा के अंतर्गत दंडनीय अपराध है।
  • इस तरह छल करके बेईमानी से संपत्ति या मूल्यवान प्रतिभूति या मूल्यवान प्रतिभूति में परिवर्तित होने वाली हस्ताक्षरित या मुद्रांकित कोई वस्तु प्राप्त करने या किसी अन्य व्यक्ति को प्राप्त कराने के लिए किया गया हर कार्य इसके तहत अपराध में आता है।
  • यदि आप आईपीसी की धारा 420 के तहत आरोपित हैं, तो आप सत्र अदालत में अग्रिम जमानत के लिए आवेदन दाखिल कर सकते हैं। अगर मामले में अग्रिम जमानत के लिए आवेदन करने से पहले पुलिस आपको गिरफ्तार कर लेती है, तो आप जमानत के लिए आवेदन कर सकते हैं। हालांकि, जमानत के लिए कोई निर्धारित सूत्र नहीं है। यह लेनदेन की प्रकृति और आरोपों की गंभीरता पर निर्भर करता है।
     

 

नौकरी ठगे जाने पर चुप न बैठें
 

  • अगर आप इस तरह की जालसाजी या चीटिंग के शिकार हुए हैं तो चुप न बैठे पुलिस और संबंधित सरकारी विभाग में शिकायत अवश्य कराये । अपने साथ में जो भी सबूत हों, उनकी कॉपी भी अधिकारियों को उपलब्ध कराएं ताकि  उनके पास भी ऐक्शन न लेने का कोई बहाना न हो ।
  • ठगे गए दूसरे लोगों को अपने साथ जोड़कर ऐक्शन का दबाव बनाएं तो  सिर्फ आपअपने ठगे जाने का बदला ले सकते हैं,बल्कि दूसरे युवाओं को भी इनके चंगुल में फंसने से बचा सकते हैं
  • पुलिस की ओर से कार्रवाई में बहानेबाजी या टालमटोल किया जा रहा हो तो मीडिया से संपर्क करें ताकि मामला सरकार और उच्च अधिकारियों की नजर में  जाए।

 

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