मोदी सरकार का बड़ा फैसला, आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग को मिलेगा 10 फीसदी आरक्षण
मोदी सरकार का बड़ा फैसला, आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग को मिलेगा 10 फीसदी आरक्षण
07, Jan 2019,03:01 PM
Tv100,

लोकसभा चुनाव से पहले नरेंद्र मोदी सरकार ने बड़ा फैसला लिया है. सोमवार को हुई केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में फैसला किया गया है कि अब सवर्ण जातियों को 10 फीसदी आरक्षण दिया जाएगा. ये आरक्षण आर्थिक रूप से कमजोर सवर्णों को दिया जाएगा. बता दें कि 2018 में SC/ST एक्ट को लेकर जिस तरह मोदी सरकार ने सुप्रीम कोर्ट का फैसला पलट दिया था, उससे सवर्ण खासा नाराज बताया जा रहा था.

इस पर सियासी प्रतिक्रयाओं का दौर भी शुरू हो गया है। आरजेडी नेता तेजस्वी यादव ने कहा है कि पहले जाति आधारित जनगणना की जाए। फिर जाति के हिसाब से आरक्षण तय किया जाए। वहीं, शिवसेना सांसद अरविंद सावंत ने कहा कि बिल पेश होने पर ही इस पर हमाला फैसला सामने आ जाएगा। 

कांग्रेस नेता हरीश रावत ने भाजपा कैबिनेट के आर्थिक रूप से पिछड़े वर्ग को 10 प्रतिशत आरक्षण देने पर कहा, 'बहुत देर कर दी मेहरबान आते-आते। वह भी तब जब चुनाव होने में कम ही समय बचा है। इससे कोई फर्क नहीं पड़ता है कि वह क्या जुमले देते हैं। कुछ भी इस सरकार को बचाने वाला नहीं है।'


इन सभी को मिलेगा लाभ
जिनकी सालाना आय 8 लाख से कम हो
 जिनके पास 5 लाख से कम की खेती की जमीन हो
 जिनके पास 1000 स्क्वायर फीट से कम का घर हो
 जिनके पास निगम की 109 गज से कम अधिसूचित जमीन हो
 जिनके पास 209 गज से कम की निगम की गैर-अधिसूचित जमीन हो

आपको बता दें कि मोदी सरकार ये आरक्षण आर्थिक आधार पर ला रही है, जिसकी अभी संविधान में व्यवस्था नहीं है. संविधान में जाति के आधार पर आरक्षण की बात कही गई है, ऐसे में सरकार को इसको लागू करने के लिए संविधान में संशोधन करना होगा. सरकार के इस फैसले को लोकसभा चुनाव से जोड़ते हुए देखा जा रहा है.
सुप्रीम कोर्ट ने SC/ST एक्ट में बदलाव करने का आदेश दिया था, तब देशभर में दलितों ने काफी प्रदर्शन किया था. जिसको देखते हुए केंद्र सरकार ने सुुप्रीम कोर्ट का फैसला बदल दिया था. माना जा रहा था कि मोदी सरकार के इस फैसले से सवर्ण काफी नाराज हो गए हैं. दलितों के बंद के बाद सवर्णों ने भी भारत बंद का आह्वान किया था.

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