मुश्किल में चंद्रबाबू नायडू - पहले बंगला तोड़ने का आदेश, अब वापिस ली गई सुरक्षा
मुश्किल में चंद्रबाबू नायडू - पहले बंगला तोड़ने का आदेश, अब वापिस ली गई सुरक्षा
25, Jun 2019,03:06 PM
Edited By- Divya Tandon,

 चंद्रबाबू नायडू की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं। मुख्यमंत्री जगन मोहन रेड्डी ने पहले उनके आलीशान बंगले को तोड़ने का आदेश दिया अब उनके परिवार की सुरक्षा कम करने का फैसला लिया है। 

अब नारा लोकेश की सुरक्षा 5+5 से घटाकर 2+2 कर दी गई है। इसके अलावा चंद्रबाबू के परिवार के अन्य सदस्यों की सुरक्षा वापस ले ली गई है। इससे पहले मुख्यमंत्री जगनमोहन रेड्डी ने 'प्रजा वेदिका' इमारत को तोड़ने का आदेश दिया है। इसी इमारत में पूर्व मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू रह रहे हैं। जगनमोहन के आदेश के अनुसार मंगलवार से इमारत तोड़ने का काम शुरू हो जाएगा। 

टीडीपी ने इसे राज्य सरकार की बदले की कार्रवाई बताया था। विपक्ष का आरोप है कि सरकार ने पूर्व मुख्यमंत्री के प्रति कोई सद्भावना नहीं दिखाई। उनके सामान को घर से बाहर फेंक दिया गया।

पांच करोड़ रुपये में बने इस आवास का इस्तेमाल चंद्रबाबू आधिकारिक कार्यों के साथ ही पार्टी की बैठकों के लिए करते थे।

नायडू ने इसी महीने के शुरू में मुख्यमंत्री जगनमोहन को पत्र लिखकर इस मकान का उपयोग बैठकों के लिए करने देने की इजाजत मांगी थी। चंद्रबाबू ने सरकार से आग्रह किया था कि वह इसे नेता प्रतिपक्ष का आवास घोषित कर दिया जाए लेकिन सरकार ने शुक्रवार को 'प्रजा वेदिका' को अपने कब्जे में लेने का निर्णय लिया। सरकार ने घोषणा की थी कि वहां पर कलेक्टरों का सम्मेलन होगा। 


 

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