शहर में कई जगहों पर सड़क का काम शुरू
साइडों में बन रही नालियों की गुणवत्ता पर ध्यान नहीं दिया जा रहा
05, Jan 2018,10:01 AM
, TV100

उत्तराखंड के कोटद्वार में नगर पालिका को नगरनिगम का स्वरुप मिलने से पहले तमाम सड़कों के आनन फानन मे टेंडर किए गए थे जिसके बाद शहर में कई जगहों पर सड़क का काम शुरू हुआ लेकिन शुरू हुए कामों पर गुणवत्ता को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं कोटद्वार के स्नेहकुंज,बालाजी मंदिर के पास गोविन्द नगर मे चल रहे कामो की गुणवत्ता पर स्थानीय लोगों ने सवाल खड़े कर दिए हैं लोगों का कहना है कि जहां बालाजी मंदिर और सनी कुंज में बजरी और कोर सैंड की जगह समंडा इस्तेमाल किया जा रहा है और ठेकेदार द्वारा सडक मे इस्तेमाल होने वाला मेटेरियल रात को मंगाये जाने पर सवाल खडे करते हुये कहा कि साइडों में बन रही नालियों की गुणवत्ता पर भी ध्यान नहीं दिया जा रहा है तो वही गोविन्द नगर मे पुरानी नालियों पर ही सीमेंट की लीपापोती की जा रही है जिससे नालियां बरसात आते ही धराशाई हो जाती है लोगों का कहना है कि बार बार शिकायत के बाद भी संबंधित अधिकारी सुध लेने को तैयार नहीं है वही खुद काम करने वाले मजदूर भी स्वीकार कर रहे हैं कि पुरानी नालियां तोड़कर बनाई जानी चाहिए लेकिन पुरानी नालियों पर ही सीमेंट की लीपापोती हो रही है जिससे नालियों की मजबूती कम होगी वहीं एसडीएम ने पूरा मामला संज्ञान मे न होने की बात कही और अब संज्ञान मे आने पर जांच कर कारवाई का भरोसा दिया है।उत्तराखंड के कोटद्वार में नगर पालिका को नगरनिगम का स्वरुप मिलने से पहले तमाम सड़कों के आनन फानन मे टेंडर किए गए थे जिसके बाद शहर में कई जगहों पर सड़क का काम शुरू हुआ लेकिन शुरू हुए कामों पर गुणवत्ता को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं कोटद्वार के स्नेहकुंज,बालाजी मंदिर के पास गोविन्द नगर मे चल रहे कामो की गुणवत्ता पर स्थानीय लोगों ने सवाल खड़े कर दिए हैं लोगों का कहना है कि जहां बालाजी मंदिर और सनी कुंज में बजरी और कोर सैंड की जगह समंडा इस्तेमाल किया जा रहा है और ठेकेदार द्वारा सडक मे इस्तेमाल होने वाला मेटेरियल रात को मंगाये जाने पर सवाल खडे करते हुये कहा कि साइडों में बन रही नालियों की गुणवत्ता पर भी ध्यान नहीं दिया जा रहा है तो वही गोविन्द नगर मे पुरानी नालियों पर ही सीमेंट की लीपापोती की जा रही है जिससे नालियां बरसात आते ही धराशाई हो जाती है लोगों का कहना है कि बार बार शिकायत के बाद भी संबंधित अधिकारी सुध लेने को तैयार नहीं है वही खुद काम करने वाले मजदूर भी स्वीकार कर रहे हैं कि पुरानी नालियां तोड़कर बनाई जानी चाहिए लेकिन पुरानी नालियों पर ही सीमेंट की लीपापोती हो रही है जिससे नालियों की मजबूती कम होगी वहीं एसडीएम ने पूरा मामला संज्ञान मे न होने की बात कही और अब संज्ञान मे आने पर जांच कर कारवाई का भरोसा दिया है।

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