दुनिया की सबसे बड़ी इमारत (स्टैच्यू ऑफ यूनिटी) की 10 सबसे खास बातें
12 Dec, 2018

विदेश के पहले गृहमंत्री सरदार वल्लभभाई पटेल के सम्मान में तैयार 182 मीटर ऊंची दुनिया की सबसे शालकाय प्रतिमा ‘स्टैच्यू ऑफ यूनिटी’ का प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सरदार वल्लभभाई पटेल की 143वीं जयंती पर किया इसका उद्दघाटन। जानते है इस विशालकाय प्रतिमा की विशेषताए।

  1. इस विशालकाय इमारत का निर्माण करने में जो कीमत है वों 2,989 करोड़ रुपये है, जिसे कांसे की परत चढ़ाने के आशिंक कार्य को छोड़ कर बाकी पूरा निर्माण देश में ही किया गया है।

  2. यह प्रतिमा नर्मदा नदी पर सरदार सरोवर बांध से 3.5 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। कंपनी ने कहा कि रैफ्ट निर्माण का काम वास्तव में 19 दिसंबर, 2015 को शुरू हुआ था और 33 माह में इसे पूरा कर लिया गया।

  3. जिस वक्त पीएम नरेंद्र मोदी गुजरात के मुख्यमंत्री थे उस वक्त ही इस स्मारक की आधारशिला की शुरुआत 31 अक्तूबर, 2013 को पटेल की 138 वीं वर्षगांठ के मौके पर की गयी थी।

  4. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जापान दौरे के दौरान भी भारतीयों से बातचीत के दौरान दुनिया की इस सबसे ऊंची मूर्ति का जिक्र कर चुके हैं। साथ ही उन्हें इस मूर्ति को देखने के लिए आमंत्रित किया है।

  5. सरदार पटेल की यह मूर्ति का निर्माण राम वी. सुतार की निगरानी में हुआ है। जो भारत के एक सुप्रसिद्ध मूर्तिकार हैं। जिन्होनें कई महापुरुषों की बहुत विशाल मूर्तियाँ बनायीं है। अटल बिहारी वाजपेयी के प्रधानमन्त्रित्व काल में भारत सरकार ने इनकी  कलात्मक शिल्प साधना को सम्मानित करते हुए 1999 में पद्मश्री से अलंकृत कियय और इन्हें पद्म भूषण पुरस्कार भी मिला। 2018 में टैगोर कल्चरल अवॉर्ड भी मिलेगा चुका है।

  6. स्टैच्यू ऑफ यूनिटी का कुल वजन 1700 टन है और ऊंचाई 522 फिट यानी 182 मीटर है। इसके पैर की ऊंचाई 80 फिट, हाथ की ऊंचाई 70 फिट, कंधे की ऊंचाई 140 फिट और चेहरे की ऊंचाई 70 फिट है।

  7. यह प्रतिमा नर्मदा नदी पर सरदार सरोवर बांध से 3.5 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। कंपनी ने कहा कि रैफ्ट निर्माण का काम वास्तव में 19 दिसंबर, 2015 को शुरू हुआ था और 33 माह में इसे पूरा कर लिया गया।

  8. इस इस प्रतिमा को तय समय में पूरा करने के लिए 4076 मजदूरों ने दो शिफ्टों में काम किया। इसमें 800 स्थानीय और 200 चीन से आए कारीगर शामिल हैं और मूर्ति का निर्माण वक्त पर किया गया ।

  9. प्रतिमा के जैकेट में टंगे बटन का व्यास ही ढाई मीटर से ज्यादा है। इस मूर्ति से पटेल की वो सादगी भी झलकती है जिसमें सिलवटों वाला धोती-कुर्ता, बंडी और कंधे पर चादर उनकी पहचान थी।

  10. विश्व प्रसिद्ध न्यूयॉर्क की स्टैच्यू ऑफ लिबर्टी भी सरदार पटेल की प्रतिमा से काफी छोटी है जिसकी ऊंचाई 93 मीटर है। इस प्रतिमा के एक हाथ में मशाल और दूसरे हाथ में एक पुस्‍तक है। सरदार पटेल की प्रतिमा के आगे 120 मीटर ऊंची चीन की स्प्रिंग बुद्ध मूर्ति भी काफी छोटी है।

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